Saturday, August 14, 2021

धड़कनों से लिपटना ♥️

 हम तुमको चाहते

तुम्हें तुमसे मांगते

कर इतना तू करम

दे दिल को राहतें

तू ज़रूरी है इतना

जैसे दिल का धड़कना

तेरे दिल में रहकर

है धड़कनों से लिपटना


राहों में काँटे ही काँटे थे

तब तुमने उनको निकले थे

जब से तुम नजरों में आई हो 

तब से तुम मुझमे समाई हो 

फैसला, कर मेरे प्यार का 

दे सिला, अब इंतज़ार का 

तू ज़रूरी है इतना 

जैसे दिल का धड़कना 

तेरे दिल में रहकर 

है धड़कनों से लिपटना 


वादा है, तुझसे ये वादा है 

तू मुझमें, मुझसे भी ज्यादा है 

मिलके तू, ना बिछड़ना कभी 

राहों से, मेरी ना मुड़ना कभी 

सदा रहें हम इस कदर 

जैसे लहरें और सागर 

तू ज़रूरी है इतना 

जैसे दिल का धड़कना 

तेरे दिल में रहकर 

है धड़कनों से लिपटना 


~Shailendra Kumar Mani 





Friday, August 13, 2021

मेरे दिल में रहना

नहीं जीना बिन तेरे

संग रहना है तेरे

तू धड़कन बन मेरी

मैं जीयूं संग तेरे

दिल में रहना रहना

मेरे दिल में रहना

दिल की धड़कन बनके

मेरे दिल में रहना


बारिशें, बादलों संग होती हैं

खुशबुएं, फूलों संग होती हैं

ये ज़मीं, धूप संजोती है

ये हवा, एक धुन पिरोती है

बारिशों, सी तू आजा

खुशबुओं,सी समा जा

दिल की यही है आरजू 

दिल में रहना रहना

मेरे दिल में रहना

दिल की धड़कन बनके

मेरे दिल में रहना


ख्वाब की है तू रानी मेरी

साँस की है तू रवानी मेरी

हो शुरू तुझसे कहानी मेरी

हो ख़तम तुझसे जिंदगानी मेरी

सुन मेरे साथिया

फैसला कर लिया

तुझसे ही राबता

दिल में रहना रहना

मेरे दिल में रहना

दिल की धड़कन बनके

मेरे दिल में रहना 

Hindi song image

~Shailendra Kumar Mani 

 

Wednesday, August 11, 2021

तुम्हारे शहर बरसात है

 तुम्हारे शहर बरसात है

हमारे शहर बरसात है

गजब हुआ इत्तेफाक

यहाँ भी वही बात है

वहाँ भी वही बात है

तुमसे मिलना कमाल होगा

खूबसूरत ख़यालात है

उफान पर ज़ज्बात है

रूमानियत के भी क्या कहने

बरसात है, तेरी याद है 

तू याद में मेरे साथ है 



(2)

तुमसे बिछड़ जाने के बाद

तन्हा से रह जायेंगे

अगर तुम्हारे नैनों से

छलके तो बह जायेंगे

प्यार हमारा अमर रहेगा

सबसे ये कह जायेंगे

जो भी दिल पे वार करो

ज़ख्म सभी सह जायेंगे

हमनशीं हमसाया हैं हम

कर साबित यह जायेंगे



जब कोई अच्छा लगने लगता है

पहली पहली बार जब 
कोई अच्छा लगने लगता है
तो क्या होता है 
उसको बार बार 
देखने का दिल करता है 
मिलने का दिल करता है 
बात करने का दिल करता है 
धीरे धीरे बेचैनी 
बढ़ती जाती है 
दिल में तड़प 
उठने लगती है 
पहली पहली बार जब 
कोई अच्छा लगने लगता है 
अचानक से हवाएँ 
अच्छी लगने लगती हैं 
फूलों पर नजर 
ठहरने लगती है 
इन सब में वो 
दिखने लगती है 
उसके आसपास होने का 
एहसास होने लगता है 
पहली पहली बार जब 
कोई अच्छा लगने लगता है 
बेवजह झूमने को 
दिल करता है 
मुस्कराने का 
दिल करता है 
उसे याद करके 
गले लगाने का 
दिल करता है 
अपनी ही धड़कनों से 
बतियाने का दिल करता है 
पहली पहली बार जब 
कोई अच्छा लगने लगता है 
उसे दिल में बिठाकर 
दिल की बात बताकर 
कैसे भी उसे मनाकर 
उसे ज़िंदगी बनाकर 
उसके साथ ज़िंदगी 
बिताने का दिल करता है 
अब ज़िंदगी को सजाकर 
ज़िंदगी बिताने का दिल करता है 




बरसात

आज बरसात हो रही है
बूँदें लगातार बरस रहीं हैं 
मौसम में ठंडक का
एहसास होने लगा है 
ज़मीन पर गिरती बूँदें
एक धुन पिरो रहीं हैं 
जो विशुद्ध कुदरती हैं
पत्तियों पर गिरती 
बूँदों की धुन
दिल को राहत पहुंचाने वाली 
सुकून दे रही हैं
हल्की हल्की हवाएँ भी 
चल रही हैं
जिससे बारिश लहरा रही है 
कभी तेज कभी धीमी हो रही है 
जैसे कोई लहर 
चढ़ती और उतरती है 
जिससे सुकून और भी 
बढ़ता जा रहा है 
इस सुकून से बहुत ही 
नरम से 
सुख का एहसास हो रहा है 
दिल दिमाग जिस्म जेहन 
में ताजगी समा रही है 
दिल कह रहा है 
जब तक ऐसी बारिश हो 
यूँ ही बैठा रहूँ अपने साथ 
आँखे बंद करके 
इस सुकून में जीता रहूँ 



हिन्दी ग़ज़ल 'शहर की शाम'

फैला दो पैगाम हमारे शहर में भीषण लगा है जाम हमारे शहर में धूप में हो बारिश सर्दी में चले पंखा   किस्से हैं यूँ तमाम हमारे शहर में माथे में द...